जल जीवन मिशन हुए फर्जीवाड़े को लेकर HC ने मांगा जवाब

News Desk
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उत्तराखंड हाई कोर्ट ने गरुड़ बागेश्वर के मानाखेत में जल जीवन मिशन के तहत पेयजल लाइन बिछाने में हुई अनियत्ताओं व फर्जीवाड़े के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट की खण्डपीठ ने जिलाअधिकारी बागेश्वर , सीडीओ, मिनिस्ट्री ऑफ जल शक्ति केंद्र सरकार , राज्य सरकार व ठेकेदार प्रीतम सिंह परिहार को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब पेश करने को कहा है। मामले की सुनवाई के लिए कोर्ट ने 29 सितंबर की तिथि नियत की है। 

  आपकों बता दे कि गोपाल चंद वनवाशी व अन्य ने जनहित याचिका दायर कर कहा है कि उनके ग्राम में जल जीवन मिशन के तहत पेय जल लाइन बिछाने का टेंडर हुआ। जिसमें ठेकेदार ने पाइप लाइन डालते वक्त पुराने पाइपों का इस्तेमाल किया है और जितना उसे पाइप लाइन बिछाने का ठेका दिया वह भी उसने पूरा नही किया। उसके बाद भी विभाग ने उसे दस लाख रुपये का अधिक भुगतान कर दिया। जब इसकी शिकायत ग्रामीणों ने जिलाधिकरी से तो जिलाधिकारी ने इस प्रकरण की जाँच कराने हेतु सीडीओ से कहा है। सीडीओ ने जाँच कराने हेतु कमेटी गठित की। कमेटी ने जाँच के उपरांत पाया कि ठेकेदार ने टेंडर के मुताबिक कार्य नही किया और कार्य मे लापरवाही की। अधिकारियों की मिलीभगत से ठेकेदार को दस लाख रुपये का अधिक भुगतान भी किया गया।

परन्तु जिलाधिकारी ने कमेटी की रिपोर्ट पर कोई कार्यवाही नही की। उल्टा विभाग ने  सरकारी कार्य मे बांधा डालने सम्बंधित प्रेस कॉन्फ्रेंस याचिकर्ता के विरुद्ध कर दी। जिसके विरुद्ध याचिकाकर्ता ने आज उच्च न्यायलय में जनहित याचिका दायर कर कहा है कि इस मामले की जाँच की जाय। दोषी अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही की जाय।

बाइट – सिद्धार्थ साह, अधिवक्ता हाईकोर्ट

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