December 7, 2022
UK 360 News
राष्ट्रीय

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने भारत जल सप्ताह ( इंडिया वाटर वीक) -2022 का उद्घाटन किया

राष्ट्रपति, श्रीमती  द्रौपदी मुर्मू ने आज उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल, श्रीमती आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री, श्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री, श्री गजेंद्र सिंह शेखावत, जल शक्ति राज्य मंत्री, श्री प्रहलाद सिंह पटेल और श्री बिश्वेश्वर टुडू की उपस्थिति में 7वें भारत जल सप्ताह का उद्घाटन किया। श्री पंकज कुमार, सचिव, जल संसाधन विभाग, नदी विकास और गंगा संरक्षण, जल शक्ति मंत्रालय ने सभी गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया और कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रपति और मंच पर मौजूद अन्य गणमान्य व्यक्तियों द्वारा जल शक्ति की दृष्टि को मजबूत करने के लिए कलश  में पानी  भरने के “जल भरो” के शुभ समारोह के साथ की गई। यह समारोह जल संरक्षण के अत्यधिक महत्व का प्रतीक है।

भारत जल सप्ताह (इंडिया वाटर वीक)-2022 के दौरान, चार तकनीकी सत्र होंगे जिनमें 10 सेमिनार, 10 पैनल चर्चा, कार्यक्रम और अलग से कार्यक्रम (साइड इवेंट) शामिल होंगे। अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित व्यक्तियों का एक बड़ा समूह जल प्रबंधन के क्षेत्र में अपने अनुभव साझा करेगा। इसके अलावा, सतत विकास के लिए जल प्रबंधन के क्षेत्रों के लिए उपलब्ध प्रौद्योगिकियों, नवीनतम विकास और समाधानों का प्रदर्शन करते हुए विषय का समर्थन करते हुए समानांतर रूप से एक प्रदर्शनी भी चलेगी। प्रदर्शकों के पास हजारों संभावित ग्राहकों, उच्च योग्य आगंतुकों के साथ सीधे संपर्क का अवसर होगा, और संयुक्त उद्यम खोजने के लिए प्रचार के अवसर होंगे ताकि वे तेजी से बढ़ते भारत के जल बाजार में अपने व्यवसाय का विस्तार कर सकें और ब्रांड की दृश्यता और छवि बढ़ा सकें। डेनमार्क द्वारा अलग से एक विशेष कार्यक्रम (साइड इवेंट) का आयोजन किया जाएगा।

राष्ट्रपति ने विश्वास व्यक्त किया कि भारत जल सप्ताह ( इंडिया वाटर वीक–आईडब्ल्यूडब्ल्यू) 2022 के दौरान विचारों और प्रौद्योगिकियों के आदान-प्रदान से सभी लाभान्वित होंगे

  • जल संसाधनों के सतत विकास के मुद्दों को संबोधित करने के लिए यह आयोजन 5 दिनों तक चलने वाला है I
  • डेनमार्कफ़िनलैंडजर्मनीइज़राइल और यूरोपीय संघ सातवें आईडब्ल्यूडब्ल्यू  में भाग ले रहे हैं
  • केंद्रीय जल शक्ति मंत्री की अध्यक्षता में पूर्ण सत्र आयोजित हुआ 
  • जल सुरक्षासंरक्षण और जलवायु परिवर्तन के कारण चुनौतियों पर विचार-विमर्श किया गया
  • अत्याधुनिक जल प्रौद्योगिकियों और समाधानों पर प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया गया

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने अपने संबोधन में कहा, कि “पानी के बिना जीवन की कल्पना करना असंभव है। भारतीय सभ्यता में जल इस  जीवन में ही नहीं बल्कि जीवन के बाद की यात्रा में भी महत्वपूर्ण है। इसलिए सभी जल स्रोतों को पवित्र माना जाता है। लेकिन वर्तमान में स्थिति पर नजर डालें तो स्थिति चिंताजनक लगती है और ऐसे में जल प्रबंधन पर चर्चा करना बहुत ही सराहनीय कदम है। पानी का मुद्दा न केवल भारत के लिए बल्कि पूरी दुनिया के लिए प्रासंगिक है और मुझे यह जानकर खुशी हो रही है कि डेनमार्क, फिनलैंड, जर्मनी, इजरायल और यूरोपीय संघ सातवें भारत जल सप्ताह में भाग ले रहे हैं। राष्ट्रपति ने विश्वास व्यक्त किया कि इस मंच पर विचारों और प्रौद्योगिकियों के आदान-प्रदान से सभी लाभान्वित होंगे।

राष्ट्रपति ने आगे कहा कि  “जल कृषि के लिए भी एक प्रमुख संसाधन है और बढ़ती हुई जनसंख्या को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना आने वाले वर्षों में एक बड़ी चुनौती होगी। पानी का मुद्दा बहुआयामी और जटिल है, जिसके लिए सभी हितधारकों को प्रयास करने चाहिए।” उन्होंने लोगों से इसके दुरुपयोग के बारे में जागरूक होने और दूसरों को जल संरक्षण के बारे में जागरूक करने का आग्रह किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस 7वें जल सप्ताह के दौरान विचार-मंथन के परिणाम इस पृथ्वी और मानवता के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करेंगे। उन्होंने सभी लोगों, किसानों, उद्योगपतियों और विशेषकर बच्चों से जल संरक्षण को अपनी नैतिकता का हिस्सा बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि हम आने वाली पीढ़ियों को इसी तरह से ही एक बेहतर और सुरक्षित कल का उपहार  दे पाएंगे।

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने कहा कि  “हमें जल संरक्षण के क्षेत्र में आगे बढ़ने की जरूरत है, और हम सभी सुनिश्चित करें कि हमारे बच्चों के  भविष्य  हेतु पानी सुरक्षित है।”

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री, श्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी गरिमामय उपस्थिति के साथ इस कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई और 7वें भारत जल सप्ताह-2022 की सफल शुरुआत की प्रशंसा की। अपनी बहुमूल्य अंतर्दृष्टि के साथ, उन्होंने जल सुरक्षा के लिए उपस्थित प्रतिभागियों के समक्ष अपने विचार रख कर उन्हें  प्रोत्साहित किया। उन्होंने ‘जल है तो जीवन है’ के महान संदेश को दोहराया और कहा कि उत्तर प्रदेश राज्य में भूजल और सतह पर उपलब्ध जल की पर्याप्त आपूर्ति है।

जल शक्ति मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि  “विभिन्न पृष्ठभूमियों  से आने के बावजूद  यह बात ध्यान देने योग्य है कि हम सभी आज जल संरक्षण के मुद्दे को हल करने के लिए हाथ मिला रहे हैं। जल संरक्षण का मुद्दा, इसका प्रबंधन एक समग्र और वैश्विक प्रयास है। इन जानकारियों को एक मंच पर लाने के लिए भारत जल सप्ताह का आयोजन एक अनूठा प्रयास है ।” इसके अलावा  उन्होंने 2024 तक देश भर में 100% पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दूरदृष्टि की घोषणा की और सभी नागरिकों से इस अभियान में शामिल होने एवं इसे जल-सुरक्षित भारत के लिए ‘जन आंदोलन’  बनाने का आग्रह किया।

श्रीमती अकली टुडू, जल योद्धा, झारखंड और श्रीमती हीरा बेन, जल योद्धा, भुज, गुजरात ने विभिन्न पहलों, कायाकल्प के मामलों और कमान क्षेत्रों में उगाई गई फसलों का हवाला देते हुए अपने क्षेत्रों में जल संरक्षण में अपना अनुभव सुनाया।

श्रीमती अकाली टुडू, जल योद्धा, झारखंड और श्रीमती हीरा बेन, जल योद्धा, भुज, गुजरात ने विभिन्न पहलों, जल स्रोतों के पुनरुद्धार के मामलों और कमान क्षेत्रों में उगाई गई फसलों का हवाला देते हुए अपने क्षेत्रों में जल संरक्षण में अपना अनुभव बताया।

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत की अध्यक्षता में उद्घाटन के बाद दिन में में पूर्ण सत्र आयोजित किया गया। इसमें  ताजिकिस्तान गणराज्य में ऊर्जा और जल संसाधन के प्रथम उप मंत्री श्री शोइमज़ोदा जमशेद, तंजानिया के उप मंत्री महामहिम इंजी. मैरीप्रिसका विनफ्रेड महुंडी,  ग्लासगो विश्वविद्यालय के विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर डॉ. असित के.बिस्वास,  केंद्रीय जल आयोग के पूर्व अध्यक्ष श्री ए.डी. मोहिले, महानिदेशक, आईएमडब्ल्यूआई , श्री मार्क स्मिथ ने सत्र में भाग लिया और अपने विचारों से सभी को अवगत कराया। जल सुरक्षा और संरक्षण और जलवायु परिवर्तन में चुनौतियों आदि पर विचार-विमर्श में जल विकास और विकासवादी प्रक्रिया में इसके प्रबंधन, जल सुरक्षा की चिंता, वैज्ञानिक विश्लेषण के बाद पानी से संबंधित सुरक्षा चिंताओं की गंभीर समीक्षा करने, के कार्यान्वयन पर जोर दिया गया। ताकि जल युद्धों के स्थान पर जल को शान्ति का कारक सिद्ध किया जा सके।

इसके बाद ताजिकिस्तान गणराज्य में ऊर्जा और जल संसाधन के प्रथम उप मंत्री श्री शोइमज़ोदा जमशेद, तंजानिया के उप मंत्री महामहिम इंजी. मैरीप्रिसका विनफ्रेड महुंडी ने केंद्रीय जल मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में भारत जल सप्ताह 2022 के 7वें संस्करण में प्रदर्शनी का उद्घाटन किया।

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